जमशेदपुर : मरीन ड्राइव पर अब तेज रफ्तार वाहन चलाना वाहन चालकों को भारी पड़ सकता है। शहर में बढ़ते ओवरस्पीडिंग के मामलों को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने मंगलवार से विशेष चेकिंग अभियान शुरू किया है।ट्रैफिक डीएसपी श्रीनिरज के नेतृत्व में चलाए गए अभियान के दौरान पुलिस ने स्पीडगन की मदद से सड़क से गुजर रहे वाहनों की गति मापी। मरीन ड्राइव पर स्पीडगन लगाकर वाहनों की रफ्तार रिकॉर्ड की गई। अभियान के पहले ही दिन निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार में वाहन चलाने वाले 100 से ज्यादा वाहन चालकों के खिलाफ ई-चालान की कार्रवाई की गई। नियम तोड़ने वाले वाहनों को मौके पर रोकने के बजाय डिजिटल माध्यम से चालान जारी किया गया। मरीन ड्राइव पर वाहनों के लिए अधिकतम गति सीमा 55 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित है। इससे अधिक गति मिलने पर वाहन का नंबर दर्ज किया गया और बाद में ऑनलाइन ई-चालान जारी किया गया। ट्रैफिक डीएसपी ने बताया कि सभी सड़कों पर एक समान गति सीमा लागू नहीं है। मरीन ड्राइव पर 55 किलोमीटर प्रति घंटा, जबकि एनएच-33 पर वाहनों के लिए 80 किलोमीटर प्रति घंटे की गति सीमा निर्धारित है। उन्होंने वाहन चालकों से सड़क पर लगे गति सीमा संबंधी संकेतों का पालन करने की अपील की। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, ओवरस्पीडिंग के खिलाफ विशेष अभियान आगे भी शहर की अलग-अलग सड़कों पर चलाया जाएगा। पुलिस का उद्देश्य तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण रखने के साथ सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को कम करना है।
