चक्रधरपुर, 29 सितंबर 2026: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा), नई दिल्ली एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा), रांची के निर्देशानुसार एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पश्चिम सिंहभूम के तत्वावधान में शनिवार को चक्रधरपुर प्रखंड के सिलफोड़ी पंचायत में 60 दिवसीय मेगा अभियान के तहत निशुल्क विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पश्चिम सिंहभूम, मौहम्मद शाकिर एवं सचिव रवि चौधरी के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ।
शिविर में ग्रामीणों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार की संरचना, कार्यप्रणाली एवं इससे मिलने वाली निशुल्क विधिक सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
अधिकार मित्रों ने ग्रामीणों को बताया कि डायन कुप्रथा, बाल विवाह, बाल श्रम, बाल तस्करी, कन्या भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा, घरेलू हिंसा एवं साइबर क्राइम जैसे अपराध गंभीर अपराध की श्रेणी में आते हैं और इनसे बचाव के लिए कानून में कड़े प्रावधान हैं।
साथ ही ग्रामीणों को मध्यस्थता (Mediation), राष्ट्रीय लोक अदालत, स्थाई लोक अदालत, श्रमिक निबंधन, मिशन वात्सल्य, जागृति योजना, आशा योजना, पीड़ित मुआवजा योजना, सड़क दुर्घटना में मिलने वाले मुआवजे तथा सरकार की अन्य कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी अवगत कराया गया।
इस जागरूकता बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं, बच्चे एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित रहीं।
शिविर के दौरान कुल 15 परिवारों से संपर्क किया गया। इन परिवारों ने अपनी समस्याएं बताईं, जिसका लिखित प्रतिवेदन लिया गया, ग्रामीणों को अपने आवेदनों की छायाप्रति (जेरॉक्स) रखने को कहा गया और आश्वस्त किया गया कि प्राधिकार उनकी समस्याओं के समाधान के लिए तत्पर है।
इस शिविर को सफल बनाने में अधिकार मित्र श्वेता रवानी, राहुल प्रधान एवं रीना प्रधान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

