जमशेदपुर के चर्चित लोको पायलट जीके गौतम हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। बागबेड़ा पुलिस ने मामले में रेलवे सुरक्षा गार्ड आशीष कुमार कर्ण को गिरफ्तार किया है। उसकी निशानदेही पर गया (बिहार) के परैया थाना क्षेत्र निवासी छोटू शर्मा और हरहरगुट्टू काली मंदिर के पास रहने वाले जितेंद्र कुमार को भी गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के बाद गुरुवार देर शाम तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
शूटरों को लोकेशन देने का आरोप
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आशीष कुमार कर्ण ने ही गया निवासी शूटर अभय यादव और अनिकेत सिंह को जीके गौतम की लोकेशन दी थी। इसके बाद दोनों आरोपी बाइक से मौके पर पहुंचे और अभय यादव ने गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने आशीष के पास से वह मोबाइल फोन भी बरामद किया है, जिसके जरिए शूटरों को लगातार लोकेशन भेजी जा रही थी।
फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराने का मामला
जांच में यह भी सामने आया कि छोटू शर्मा ने अविनाश सिंह और अनिकेत सिंह को फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराए थे, जिसके बदले उसने पांच हजार रुपये लिए थे। पुलिस ने छोटू शर्मा और जितेंद्र कुमार के मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए हैं, जिनसे अपराधियों के संपर्क में रहने की पुष्टि हुई है।
हत्या के बाद बिहार फरार हुए आरोपी
पुलिस के अनुसार, 26 अप्रैल की रात हत्या के बाद अनिकेत सिंह ने फोन कर इसकी जानकारी अविनाश सिंह को दी थी। इसके बाद अनिकेत और अभय यादव घाघीडीह जेल के पीछे मुइगुट्टू इलाके में बाइक छोड़कर अविनाश के साथ दूसरे वाहन से बिहार फरार हो गए। मामले में जितेंद्र कुमार का भतीजा आर्यन चौधरी भी शामिल बताया जा रहा है।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
फिलहाल इस हत्याकांड में मुख्य शूटर अभय यादव, अविनाश सिंह और आर्यन चौधरी फरार हैं। पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। बागबेड़ा थाना में पूछताछ के दौरान गिरफ्तार तीनों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।
