“डीजे के दुनिया के बेताज बादशाह: डीजे सारज़न की ताबड़तोड़ सक्सेस हिस्ट्री, जिसे जानकर आप रह जाएंगे हैरान!”
झारखंड के बोकारो जिले के चंदनकियारी प्रखंड स्थित बोगुला गांव से निकलकर शिवनारायण महतो उर्फ डीजे सारज़न ने अपनी मेहनत और जुनून से एक बड़ी पहचान बनाई है। 1994 में जन्मे डीजे सारज़न आज राज्य के सबसे लोकप्रिय डीजे, रीमिक्सर और डीजे सारज़न प्रोडक्शन के संस्थापक के रूप में जाने जाते हैं। उनके पिता शंभू महतो बीसीसीएल में कार्यरत थे और परिवार से मिले सहयोग ने उनके सपनों को मजबूती दी।
शिक्षा के क्षेत्र में भी उन्होंने मजबूत आधार बनाया। सैनिक स्कूल पुरुलिया से शुरुआती पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने धनबाद से इंटरमीडिएट, हिस्ट्री ऑनर्स में स्नातक (बीए), बी.एड़ और एमए तक की पढ़ाई की।पढ़ाई के साथ-साथ उनका झुकाव म्यूजिक और टेक्नोलॉजी की ओर बढ़ता गया।
साल 2013 में उन्होंने पश्चिम बंगाल के खड़गपुर से अपना पहला डीजे सेटअप खरीदा, जो उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। बेहतरीन साउंड और दमदार बेस क्वालिटी के कारण उनका नाम तेजी से आसपास के इलाकों में फैलने लगा। इसी दौरान 2013 से 2015 के बीच उन्होंने फ़्ल स्टूडियो और वर्चुअल डीजे जैसे सॉफ्टवेयर की मदद से हिंदी, बांग्ला, भोजपुरी और क्षेत्रीय खोरठा गानों की रीमिक्सिंग शुरू की, जो सोशल प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गई। वे आज लाखो करोड़ो में कमाई कर रहे हैं ।
इसके बाद 2019 में उन्होंने खुद से डीजे सारज़न कैबिनेट बनाना शुरू किया और 2020 के लॉकडाउन के दौरान अपने काम को एक ब्रांड का रूप देते हुए “डीजे प्रोडक्शन की स्थापना की। आज उनकी पहचान झारखंड के सबसे बड़े और भरोसेमंद डीजे ब्रांड्स में होती है, जो उनकी तकनीकी समझ, मेहनत और जुनून का नतीजा है।
