राजनगर प्रखंड क्षेत्र के एदल गांव में शिव पूजा कमेटी एवं ग्रामीणों के सहयोग से प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी शिव गाजन पर्व धूमधाम से मनाया गया। यह पर्व स्थानीय संस्कृति, परंपरा और आस्था का अद्भुत संगम है, जिसमें आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
पर्व के दौरान भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए एदल गांव सहित आसपास के कई गांवों के लगभग 300 भक्तों ने तीन दिन पूर्व से कठिन व्रत रखा। शुक्रवार को जागरण के दिन श्रद्धालुओं ने बाजे-गाजे के साथ बासिर बांध में स्नान कर “जाम डाली” लेकर भगवान शिव का नाम लेते हुए गांव स्थित शिव मंदिर तक पहुंचकर पूजा-अर्चना की।
शिव पूजा कमेटी के पुजारी गोवर्धन पांडा, संजीत मुखर्जी तथा कमेटी के अध्यक्ष अंशुमान साहू, सचिव तापस विषय, सेंटु नायक, उत्तम दास, प्रदीप दे और रंजीत गोप ने बताया कि इस शिव गाजन पर्व की परंपरा लगभग 200 वर्षों से चली आ रही है। पूर्वजों द्वारा शुरू किए गए इस आयोजन में स्थानीय तालाब से प्रकट हुए भगवान भोलेनाथ की विधिवत स्थापना की गई थी, जिसके बाद से यह परंपरा निरंतर जारी है।
भक्तों का मानना है कि सच्ची श्रद्धा और भक्ति भाव से भगवान भोलेनाथ की पूजा करने पर मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी आस्था के चलते हर वर्ष सैकड़ों श्रद्धालु कठिन व्रत रखकर पूजा-अर्चना में शामिल होते हैं।
पर्व के अवसर पर शिव मंदिर प्रांगण में रात के समय छौ नृत्य का आयोजन भी किया गया। इस दौरान कलाकारों ने भगवान शिव से जुड़ी कथाओं और प्राचीन लोक संस्कृति का मंचन किया, जिसका लोगों ने रातभर आनंद लिया। साथ ही श्रद्धालुओं ने क्षेत्र में अच्छी वर्षा, सुख-शांति और समृद्धि की कामना भी की।
इस भव्य आयोजन में एदल गांव सहित आसपास के कई गांवों के शिव भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी, जिससे पूरा क्षेत्र भक्ति और उत्साह के माहौल में सराबोर हो गया।
