राजनगर : श्री श्री अखंड हरि नाम संकीर्तन समिति सरगछीड़ा द्वारा आयोजित 24 प्रहर हरि संकीर्तन 27 मार्च 2026 को धुलोट के साथ हुआ समापन
राजनगर : श्री श्री अखंड हरि नाम संकीर्तन सरगछीड़ा के द्वारा आयोजित 24
प्रहार श्री श्री राधा गोविंद अखण्ड जुगल नाम यज्ञ दिनांक 27 मार्च 2026 को
महंत विदाई एवं श्री श्री गौरांग महाप्रभु हरि नाम प्रेम प्रसाद वितरण कर तथा
रंग गुलाल के साथ अनुष्ठान का हुआ समापन। संकीर्तन समापन पर सैकड़ों महिला
पुरुषों ने पूरे गांव में हरि नाम संकीर्तन कर भ्रमण किये , इससे पूरा गांव
भक्तिमय हो गया। समिति के द्वारा सभी दर्शकगण को प्रसाद एवं खीर- खिचड़ी
दिया गया। लक्ष्मी नारायण महतो ने कहा कि हरि नाम भक्ति रूपी नाव का
नाविक है इस कलियुग में अल्पायु नीव में एक पात्र हरिनाम से ही विभिन्न जाति,
धर्म एवं संप्रदाय के लोगों में आपसी प्रेम , शांति भाव जागृति होती है तथा
जीवन में सच्चा सुख एवं आनंद मिलता है। खाली हाथ आए हैं , खाली हाथ चले जाएंगे
, केवल प्रभु का गुणगान ही साथ में रहेगा।
इस साल हरि संकीर्तन देखने के लिए उड़ीसा, बंगाल, झारखंड एवं आसपास दूर
दराज से हजारों को संख्या में दर्शकगण पहुंचे थे। सभी दर्शकों को कमेटी की ओर
से प्रसाद नाश्ता, खिचड़ी ,खीर का व्यवस्था किया गया।
हरि संकीर्तन में योगदान देने वाली कीर्तन मण्डलियो का नाम:-
गौरी दास गोस्वामी बलरामपुर पश्चिम बंगाल , असीम महतो झाड़ग्राम पश्चिम
बंगाल , भक्तिपद दास गोस्वामी जयपुर पश्चिम बंगाल , चैतन्य महतो झालदा पश्चिम
बंगाल , स्वर्गीय भीम बनर्जी संप्रदाय टिकर ईचागढ़ , लक्ष्मी नारायण महतो
सरगछीड़ा राजनगर , राम लक्ष्मण कलावाडिया झारखंड।
हरि संकीर्तन को सफल बनाने में समिति के सदस्यगण एवं ग्रामवासी का सहरनीय
योगदान रहा।


