जादूगोड़ा के रंकिनी मंदिर कापड़ गादी घाट परिसर में राम नवमी के शुभ अवसर पर 25 मार्च 2026 को सुबह 10:30 बजे तीन दिवसीय अखंड हरिनाम संकीर्तन (तारक ब्रह्म नाम) का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन मंदिर के दोनों पुजारियों द्वारा धूप-दीप प्रज्वलित कर किया गया।
इस अवसर पर माताजी आश्रम हाता के संचालक, प्रसिद्ध साहित्यकार एवं समाजसेवी सुनील कुमार दे ने हरिनाम की महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हरिनाम करने के लिए कोई विशेष समय या उम्र नहीं होती, इसे किसी भी परिस्थिति में किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि हरिनाम से मन और शरीर दोनों शुद्ध होते हैं तथा मानसिक शांति प्राप्त होती है, और कलियुग में मुक्ति का यह सबसे सरल उपाय है। इस संकीर्तन का आयोजन श्रीश्री माँ रंकिनी मंदिर चैरिटेबल ट्रस्ट, जादूगोड़ा द्वारा किया गया है, जिसमें पुरुलिया, मेदनीपुर, घाटशिला और आसपास के विभिन्न कीर्तन संप्रदायों ने भाग लिया।


