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रामगढ़: 1857 की क्रांति के अमर नायक शेख भिखारी और टिकैत उमराव सिंह को दी गई श्रद्धांजलि

झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा की रामगढ़ इकाई द्वारा गुरुवार को शहीद शेख भिखारी और शहीद टिकैत उमराव सिंह का शहादत दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर चुटुपालू घाटी स्थित शहीद स्थल पर नमन करते हुए दोनों वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पार्टी के केंद्रीय महासचिव संतोष चौधरी ने कहा कि शहीद शेख भिखारी और शहीद टिकैत उमराव सिंह ने वर्ष 1857 में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ क्रांति का बिगुल फूंका था। उन्होंने बताया कि दोनों वीरों को बिना किसी मुकदमे के 8 जनवरी 1858 को चुटुपालू घाटी के समीप एक पेड़ पर फांसी दे दी गई थी। उनकी शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकता और यह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

प्रदेश मीडिया प्रभारी रमेश कुमार महतो ने दोनों शहीदों के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि अमर शहीद शेख भिखारी का जन्म वर्ष 1819 में ओरमांझी प्रखंड के पूर्वी क्षेत्र की कुटे पंचायत अंतर्गत खुदिया टोला में एक साधारण परिवार में हुआ था, जबकि अमर शहीद टिकैत उमराव सिंह का जन्म ओरमांझी प्रखंड के पश्चिमी क्षेत्र के खटंगा गांव में हुआ। शेख भिखारी की बहादुरी और नेतृत्व क्षमता से प्रभावित होकर राजा ठाकुर विश्वनाथ ने उन्हें राजकीय फौज में शामिल करते हुए दीवान का पद सौंपा था।

उन्होंने आगे बताया कि 1857 की क्रांति के दौरान जब अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह हुआ तो रामगढ़ रेजीमेंट ने अपने अंग्रेज अफसर को मार डाला, जिससे रांची, चाईबासा और संथाल परगना क्षेत्रों से अंग्रेज भाग खड़े हुए। इसके बाद जनरल मैकडोना के नेतृत्व में अंग्रेजी फौज रामगढ़ पहुंची और चुटुपालू पहाड़ के रास्ते रांची की ओर बढ़ने लगी।

अंग्रेजों को रोकने के लिए शेख भिखारी और टिकैत उमराव सिंह अपनी फौज के साथ चुटुपालू पहाड़ी पहुंचे और अंग्रेजी सेना का रास्ता रोक दिया। उन्होंने घाटी पार करने वाले पुल को तोड़ दिया और सड़क किनारे पेड़ों को काटकर मार्ग अवरुद्ध कर दिया। शेख भिखारी की सेना ने अंग्रेजों पर गोलियों की बौछार कर दी, जिससे अंग्रेजों के छक्के छूट गए। यह संघर्ष कई दिनों तक चला, लेकिन अंततः 6 जनवरी 1858 को दोनों वीरों को अंग्रेजों ने घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।

शहादत दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय महासचिव संतोष चौधरी, प्रदेश मीडिया प्रभारी रमेश कुमार महतो, जिला महामंत्री मुख्तार अंसारी, वरिष्ठ नेता अब्बू सम्मा अंसारी, सतेंद्र महतो, अमरदीप चौधरी, तपन महतो, मोहम्मद गुलाम उर्फ छोटू, मोहम्मद अजीज, पप्पू खान, अशोक चक्रपाणि, आनंद महतो, देवेंद्र महतो, सुकेश सिंह, नरेंद्र महतो, डब्लू महतो, कमल प्रसाद, महावीर महतो सहित सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित थे।

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