झारखंड सरकार ने राज्य में पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर रांची के दशम फॉल, हुंडरू फॉल और नेतरहाट के मैग्नोलिया प्वाइंट पर ग्लास ब्रिज बनाने का निर्णय लिया गया है। इन स्थानों पर पर्यटक अब रोमांचक स्काई वॉक का आनंद ले सकेंगे। इसके लिए पर्यटन विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
राजगीर और सिक्किम से प्रेरित झारखंड का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट
ग्लास ब्रिज का यह प्रोजेक्ट बिहार के राजगीर और सिक्किम के पेलिंग में बने ग्लास ब्रिज से प्रेरित है। देश में अब तक केवल दो स्थानों पर ग्लास ब्रिज का निर्माण हुआ है। झारखंड इस सूची में शामिल होने वाला तीसरा राज्य होगा। दुनिया में ग्लास ब्रिज का पहला निर्माण चीन के हेबई प्रांत के एस्ट तैहांग में हुआ था।
परियोजना के लिए विस्तृत योजना तैयार
पर्यटन विभाग ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को मूर्त रूप देने के लिए राजगीर में ग्लास ब्रिज बनाने वाली परामर्शी कंपनी से संपर्क किया है। कंपनी को विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट में निम्नलिखित बिंदुओं को शामिल किया जाएगा:
- ग्लास ब्रिज की डिज़ाइन और निर्माण प्रक्रिया।
- सुरक्षा मानकों का पालन।
- मेंटेनेंस मॉडल और अनुमानित लागत।
- पर्यटकों की संभावित संख्या का आकलन।
- भूमि अधिग्रहण का विवरण।
झारखंड पर्यटन को मिलेगी नई पहचान
दशम फॉल, हुंडरू फॉल और नेतरहाट के मैग्नोलिया प्वाइंट पर ग्लास ब्रिज का निर्माण इन स्थलों को नई पहचान देगा। झारखंड सरकार का यह कदम राज्य में रोमांचक और आधुनिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। पर्यटकों को अब झारखंड में प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ रोमांचक अनुभव का भी मौका मिलेगा।
