सरायकेला: सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल प्रखंड अंतर्गत कपाली ग्राम में श्रावण माह के पहले सोमवार के अवसर पर श्रद्धा, सेवा और सामाजिक जागरूकता का अनूठा संगम देखने को मिला। बांग्ला तिथि के अनुसार आयोजित इस कार्यक्रम में गांवभर में भक्ति और सेवा का माहौल बना रहा।
दो सेवा शिविरों का किया गया आयोजन
श्रावण माह के प्रथम सोमवार पर शिवभक्तों की सेवा के लिए गांव में दो अलग-अलग सेवा शिविर लगाए गए। इन शिविरों का उद्देश्य श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना था।
पूजा सामग्री का निःशुल्क वितरण
श्रद्धालुओं को शरबत, पेयजल और चना कराया गया उपलब्ध
दूसरे सेवा शिविर में श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, शरबत और चना की व्यवस्था की गई। बड़ी संख्या में पहुंचे शिवभक्तों ने इन सेवाओं का लाभ उठाया और आयोजकों के सेवा भाव की सराहना की।
सामाजिक संकल्प के साथ दिया जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने गांव माता (गाय) को राष्ट्रीय पशु घोषित करने तथा गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग का समर्थन करते हुए इसके लिए जनजागरूकता फैलाने का सामूहिक संकल्प लिया।
इन लोगों ने निभाई अहम भूमिका
इस सेवा एवं जनजागरूकता कार्यक्रम को सफल बनाने में पंकज दास, तापस दास, विशाल दास, रितेश दास, सौरभ दास, हिमांशु दास, अजय महतो, संदीप महतो और जयंत महतो की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी ने मिलकर श्रद्धालुओं की सेवा करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाया।
स्थानीय लोगों ने की सराहना
स्थानीय ग्रामीणों ने आयोजकों के इस प्रयास की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सामाजिक सेवा कार्यक्रम समाज में एकता, सहयोग और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने का कार्य करते हैं।



