पूर्वी सिंहभूम : पोटका के मुक्तेश्वर धाम हरिणा में पांच दिवसीय भव्य मेला शुरू, विधायक संजीव सरदार ने किया शुभारंभ
पूर्वी सिंहभूम : पोटका प्रखंड के प्रसिद्ध मुक्तेश्वर धाम हरिणा में रोजो संक्रांति के अवसर पर आयोजित होने वाले कोल्हान के सबसे बड़े पांच दिवसीय ‘हरिणा मेला’ का सोमवार से भव्य शुभारंभ हो गया। मेले के सफल और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। मुक्तेश्वर धाम आश्रम कमिटी और प्रशासनिक अधिकारी मेला क्षेत्र में व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में युद्धस्तर पर जुटे रहे। सोमवार सुबह पारंपरिक ‘पातभोक्ता अनुष्ठान’ के साथ इस ऐतिहासिक मेले का विधिवत आगाज हुआ।
प्रशासन और समिति की संयुक्त तैयारियां
मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन और मेला कमिटी ने पूरी व्यवस्था को दुरुस्त किया है। मेला परिसर में सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े सभी कार्यों को प्राथमिकता दी गई है। अधिकारियों और समिति के सदस्यों ने लगातार निरीक्षण कर तैयारियों को अंतिम रूप दिया।
विधायक संजीव सरदार का निरीक्षण और निर्देश
स्थानीय पोटका विधायक संजीव सरदार ने रविवार को हरिणा पहुंचकर मुक्तेश्वर धाम आश्रम कमिटी के सदस्यों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। उन्होंने मेला परिसर का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया और प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुक्तेश्वर धाम अब एक प्रमुख पर्यटन और आस्था केंद्र बन चुका है।
तीन राज्यों से श्रद्धालुओं का आगमन
विधायक ने बताया कि हरिणा मेला में झारखंड के अलावा ओडिशा और पश्चिम बंगाल से भी हजारों श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंचते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं को सुगमता से पूजा-अर्चना और मेला भ्रमण का अवसर मिले, इसके लिए प्रशासन और मेला समिति को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने को कहा गया है।
परंपरा का निर्वहन और प्रसाद वितरण की योजना
विधायक संजीव सरदार ने अपनी वर्षों पुरानी परंपरा को निभाते हुए हरिणा मंदिर के पुजारियों और पातभोक्ताओं के बीच अंगवस्त्र का वितरण किया। उन्होंने बताया कि वे लंबे समय से यह परंपरा निभाते आ रहे हैं और इसे आगे भी जारी रखेंगे।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि मेले के शुभारंभ के अवसर पर पातभोक्ताओं और श्रद्धालुओं के बीच चना-गुड़ और शीतल शरबत का वितरण किया जाएगा।
स्थानीय गणमान्य लोगों की उपस्थिति
निरीक्षण और समीक्षा बैठक के दौरान क्षेत्र के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इनमें मुख्य पुजारी सह ग्रामप्रधान बज्रांकन दंडपात, आश्रम कमिटी अध्यक्ष दीपंकर सीट, पुजारी विकास पंडा, राखु प्रहराज, अम्बुज दंडपात, राकेश दंडपात सहित कई मेला कमिटी सदस्य और स्थानीय ग्रामीण शामिल थे।
