गम्हरिया : महतानडीह चैंपियंस ट्रॉफी में सोनारडीह का दबदबा, शानदार जीत के साथ बना चैंपियन, महतानडीह रहा उपविजेता
गम्हरिया : गम्हरिया प्रखंड अंतर्गत महतानडीह गांव में बीते दिनों 3 दिवसीय
महतानडीह चैंपियंस ट्रॉफी (सीजन-5) का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। इस
प्रतियोगिता में क्षेत्र के विभिन्न गांवों की टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया
और खेल के प्रति अपना जोश और जुनून दिखाया।
टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में सोनारडीह गांव की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते
हुए 6 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 84 रन बनाए। 85 रनों के लक्ष्य का पीछा
करने उतरी महतानडीह गांव की टीम 6 ओवर में 7 विकेट खोकर केवल 50 रन ही बना सकी।
इस प्रकार सोनारडीह गांव ने 34 रनों से शानदार जीत दर्ज कर खिताब अपने नाम
किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित नुवागढ़ पंचायत की मुखिया भेरी
सरदार ने कहा कि ग्रामीण स्तर पर खेलकूद का आयोजन युवाओं के शारीरिक एवं मानसिक
विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे आयोजन गांव के
प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को एक बेहतर मंच प्रदान करते हैं तथा युवाओं को
सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।
विशिष्ट अतिथि के रूप में युवा समाजसेवी आकाश महतो ने आयोजकों को धन्यवाद एवं
बधाई देते हुए कहा कि इतने बड़े स्तर पर सफल आयोजन करना आसान नहीं होता। इसके
पीछे पूरी टीम की मेहनत, समर्पण और एकजुटता साफ दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि
ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत सिर्फ ऐसे
मंचों की है। मैं हमेशा युवाओं और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव
सहयोग करने के लिए सदा तैयार रहूंगा।
टूर्नामेंट में सोनारडीह टीम चैंपियन बनी, जबकि महतानडीह टीम उपविजेता रही।
तीसरे स्थान पर बयांगबिल एवं चौथे स्थान पर कदमडीह की टीम रही।
आयोजन समिति द्वारा विजेता टीम को ₹60,000 एवं 5 फीट ट्रॉफी, उपविजेता टीम को
₹40,000 एवं 4 फीट ट्रॉफी, तृतीय एवं चतुर्थ स्थान प्राप्त टीमों को
₹10,000-₹10,000 एवं ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। साथ ही फाइनल मैच के मैन
ऑफ द मैच को ₹1000 एवं ट्रॉफी प्रदान की गई।
इस टूर्नामेंट के सफल आयोजन में बबलू, मनोज, मंगल, दिनेश, राजीव सहित अन्य
सदस्यों का महत्वपूर्ण एवं सराहनीय योगदान रहा। साथ ही कमेंटेटर के रूप में
धनिराम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन में कमिटी सदस्य भगवान, मनोज, मंगल,
राधे, बेटा, बाबलू एवं गांव के अन्य सदस्यों का भी सराहनीय योगदान रहा।

