राजनगर/सरायकेला-खारसावाँ, 21 मार्च 2026: राढ़ी साहित्य अकादेमी, झारखण्ड के बैनर तले आज दिनांक 21 मार्च 2026 को छोटा सिजुलता स्थित डॉ. रूपनन्द मंडल के आवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता अकादेमी के संरक्षक श्री रबि कान्त भकत ने की।
बैठक में राढ़ी भाषा, साहित्य, संस्कृति एवं लोकगीत के संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रचार-प्रसार पर गंभीर विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि राढ़ी भाषा एवं साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लेखक-लेखिकाओं को प्रतिवर्ष सम्मानित किया जाएगा।
इसी क्रम में वर्ष 2026 के लिए सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि श्री माणिक लाल महतो, प्रधानाचार्य, शहीद निर्मल महतो विद्या मंदिर, महेशकुदर (राजनगर, सरायकेला-खारसावाँ) को राढ़ी भाषा में अर्धसताधिक नाटकों के सृजन एवं सफल मंचन तथा शिक्षा के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए “राढ़ी नाट्य सम्राट” की उपाधि से सम्मानित किया जाएगा।
यह सम्मान आगामी 25 मार्च 2026 को उनके विद्यालय परिसर में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान प्रदान किया जाएगा।
बैठक में डॉ. रूपनन्द मंडल, श्रीकांत महतो, श्री माणिक लाल महतो सहित अनेक गणमान्य साहित्यकार एवं बुद्धिजीवी उपस्थित रहे।
अकादेमी ने इस अवसर पर राढ़ी भाषा के संरक्षण और विकास हेतु सामूहिक प्रयासों को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प भी दोहराया।
