दस-सूत्री मांगों में सिर्फ स्कूल बस पूरी, JLKM ने परियोजना प्रबंधन से लंबित मांगें जल्द पूरी करने की मांग की — प्रभु दयाल महतो
झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) पार्टी के जिला सचिव प्रभु दयाल महतो ने कहा कि जेएलकेएम पार्टी के के बैनर तले विस्थापितों एवं प्रभावित ग्रामीणों के साथ मिलकर दिनांक 31 दिसंबर 2024 को करमा प्रोजेक्ट सुगीया के परियोजना पदाधिकारी को 10 सूत्री मांग पत्र सौंपा गया था। दुर्भाग्य की बात है कि करीब डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद भी 10 सूत्री मांगों में से अब तक सिर्फ एक मांग पत्र स्कूल बस उपलब्ध कराने की मांग पूरी होना निश्चित रूप से स्वागत योग्य कदम है, लेकिन हमारी मांग है कि स्कूल बस का वास्तविक सदुपयोग भी सुनिश्चित किया जाए। बस का लाभ क्षेत्र के जरूरतमंद एवं प्रभावित-विस्थापित परिवारों के बच्चों को नियमित और उचित तरीके से मिलना चाहिए। जब 10 सूत्री मांग पत्र सौंपा गया था, उसमें मुख्य रूप से करमा और उसके आसपास के क्षेत्र में हवा पानी एवं मिट्टी की गुणवत्ता काफी खराब हो चुका है। इस पर जल्द से जल्द संज्ञान लिया जाए। रोड सेल के कोयला में 75% हिस्सा स्थानीय बेरोजगार युवकों को बेसिक दर पर दी जाए। CSR मद के द्वारा करमा से रामगढ़ हजारीबाग एवं रांची के लिए कॉलेज बस की व्यवस्था की जाए। स्कूली शिक्षा हेतु आर कांटा DAV एवं बरकाकाना DAV स्कूल के तर्ज पर करमा में स्कूल की व्यवस्था किया जाए। CSR मद से शुद्ध पेयजल की व्यवस्था ग्रामीणों के लिए किया जाए। CSR मद से स्वास्थ्य सुविधा हेतु विशेष सुधार किया जाय। करमा परियोजना के आसपास विस्थापित एवं प्रभावित गांव में मुफ़्त बिजली कि व्यवस्था किया जाए। किसानों और युवाओं के लिए कौशल विकास हेतु प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए। खेल कूद के लिए ग्राउंड कि व्यवस्था ग्रामीणों के लिए किया जाय। JLKM रामगढ़ परियोजना प्रबंधन से मांग करता है कि—
10 सूत्री मांग पत्र की सभी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए। लंबित मांगों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। स्कूल बस का पारदर्शी एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों के हित में सदुपयोग सुनिश्चित किया जाए।
विस्थापितों एवं प्रभावितों के अधिकारों की अनदेखी न की जाए।विस्थापितों और प्रभावितों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। उनकी जायज मांगों का समाधान करना परियोजना प्रबंधन की जिम्मेदारी है। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM), रामगढ़ विस्थापितों एवं प्रभावितों के हक और अधिकार की लड़ाई जारी रहेगी ।
