रामगढ़ : पत्रकारिता देश की स्वतंत्रता, सामाजिक सुधार और राष्ट्रीय चेतना के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका है — रमेश कुमार महतो
झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) प्रदेश मीडिया प्रभारी रमेश
कुमार महतो ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता दिवस प्रत्येक वर्ष 30 मई को मनाया जाता
है। यह दिन हिंदी पत्रकारिता के इतिहास में विशेष महत्व रखता है क्योंकि 30 मई
1826 को हिंदी का पहला समाचार पत्र उदन्त मार्तण्ड प्रकाशित हुआ था। इसके
संपादक पंडित जुगल किशोर शुक्ल थे। इसी ऐतिहासिक घटना की स्मृति में हिंदी
पत्रकारिता दिवस मनाया जाता है।पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता
है। इसका मुख्य कार्य समाज को सही और निष्पक्ष जानकारी प्रदान करना, जनमत तैयार
करना तथा जनता और सरकार के बीच संवाद स्थापित करना है। हिंदी पत्रकारिता ने देश
की स्वतंत्रता, सामाजिक सुधार और राष्ट्रीय चेतना के विकास में महत्वपूर्ण
भूमिका निभाई है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान हिंदी समाचार पत्रों ने लोगों
में देशभक्ति की भावना जगाने का कार्य किया। अनेक पत्रकारों ने सत्य और न्याय
के लिए संघर्ष किया तथा कठिन परिस्थितियों का सामना किया। आज भी हिंदी
पत्रकारिता समाज की समस्याओं को उजागर करने, जनता की आवाज़ को बुलंद करने और
लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है।डिजिटल युग
में हिंदी पत्रकारिता का विस्तार तेजी से हुआ है। समाचार पत्रों के साथ-साथ
समाचार वेबसाइट, मोबाइल ऐप और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से हिंदी में
समाचार आसानी से उपलब्ध हो रहे हैं। इससे हिंदी भाषा और पत्रकारिता दोनों को नई
पहचान मिली है।
हिंदी पत्रकारिता दिवस हमें पत्रकारों के योगदान को सम्मान देने तथा निष्पक्ष, जिम्मेदार और सत्यनिष्ठ पत्रकारिता के महत्व को समझने का अवसर प्रदान करता है। हमें ऐसी पत्रकारिता को बढ़ावा देना चाहिए जो समाज में जागरूकता, पारदर्शिता और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत बनाए। हिंदी पत्रकारिता दिवस केवल एक स्मृति दिवस नहीं है, बल्कि यह सत्य, निष्पक्षता और जनसेवा के प्रति पत्रकारों की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह दिन हमें हिंदी पत्रकारिता की गौरवशाली परंपरा को याद करने और उसके विकास में योगदान देने की प्रेरणा देता है।
