जमशेदपुर में टाटा मेन हॉस्पिटल द्वारा टिनप्लेट हॉस्पिटल के अधिग्रहण के बाद वहां 25 वर्षों से कार्यरत 51 स्थायी कर्मचारियों को अचानक काम से बैठाने का नोटिस जारी किया गया है। इस फैसले से कर्मचारियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
धरना-प्रदर्शन का ऐलान
नोटिस के विरोध में कर्मचारियों ने टाटा मुख्य अस्पताल के सामने धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। बिष्टूपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में कर्मियों ने बताया कि सोमवार 26 मई से टीएमएच मुख्य गेट के सामने शांतिपूर्ण धरना शुरू किया जाएगा और श्रमायुक्त व उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
25 वर्षों से दे रहे थे सेवाएं
कर्मचारियों ने बताया कि टिनप्लेट हॉस्पिटल में फार्मासिस्ट, एम्बुलेंस चालक, अटेंडर और सफाई कर्मी के रूप में करीब 51 लोग पिछले 25 वर्षों से लगातार सेवा दे रहे हैं। ये सभी अस्पताल के स्थायी संचालन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और मुख्य रूप से टिनप्लेट कारखाने के मजदूरों एवं उनके परिवारों का इलाज करते हैं।
प्रबंधन पर मनमानी का आरोप
कर्मचारी प्रतिनिधियों का आरोप है कि टाटा मेन हॉस्पिटल ने अधिग्रहण के बाद से कर्मचारियों को हटाने की नीति अपनाई है। उनका कहना है कि पहले डॉ टीसी जॉन मेमोरियल ट्रस्ट के माध्यम से नियुक्ति हुई थी, लेकिन अब उसी का हवाला देकर अचानक नोटिस दिया गया है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगे
कर्मचारियों ने मांग की है कि सभी 51 कर्मचारियों को टीएमएच में समायोजित किया जाए, काम से हटाने का नोटिस तत्काल वापस लिया जाए और ठेका प्रथा समाप्त कर सभी को स्थायी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
