जमशेदपुर: कार्तिक पूर्णिमा के शुभ अवसर पर आज सुबह से ही जमशेदपुर के स्वर्णरेखा और खरकई नदियों के घाटों पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान कर आस्था की डुबकी लगाई।
हिंदू पंचांग के अनुसार आज 5 नवंबर को मनाई जा रही कार्तिक पूर्णिमा, जिसे त्रिपुरारी पूर्णिमा भी कहा जाता है, धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से जन्म-जन्मांतर के पापों का नाश होता है और गंगा स्नान के समान पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
दोमुहानी संगम स्थल - जहां स्वर्णरेखा और खरकई नदियों का संगम होता है - पर आज सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही हजारों श्रद्धालु एकत्रित हुए। महिलाएं, पुरुष और बच्चे सभी ठंडे जल में आस्था की डुबकी लगाते नजर आए। घाटों पर मेले जैसा वातावरण था और भक्ति का उत्सवपूर्ण माहौल छाया रहा। स्नान के उपरांत श्रद्धालुओं ने भगवान विष्णु, शिव और मां गंगा की विधिवत पूजा-अर्चना की। कई भक्तों ने तिल, चावल, फल, वस्त्र और अन्न का दान कर पुण्य अर्जित किया, जो इस दिन विशेष रूप से शुभ और अक्षय माना जाता है।

