झारखंड की डॉ पार्वती तिर्की को हिंदी कविता 'फिर उगना' के लिए 2025 का साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार के लिए चयनित
झारखंड की डॉ पार्वती तिर्की को वर्ष 2025 के साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। यह सम्मान उन्हें उनकी हिंदी कविता ‘फिर उगना’ के लिए दिया जाएगा। इस कविता संग्रह के जरिए उन्होंने समाज और जीवन के विविध पहलुओं को संवेदनशीलता के साथ अभिव्यक्त किया है।
डॉ पार्वती तिर्की झारखंड के गुमला जिले की रहने वाली हैं। वर्तमान में वह रांची स्थित रामलखन सिंह यादव कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं।
उन्होंने उत्तर प्रदेश के बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से हिंदी विषय में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। साहित्य के क्षेत्र में उनके योगदान और युवा रचनाकारों के बीच उनकी सशक्त उपस्थिति के लिए यह पुरस्कार उन्हें प्रदान किया जा रहा है।
