जमशेदपुर के साकची स्थित महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आज एक बड़ा हादसा हुआ। अस्पताल के मेडिकल वार्ड के छज्जे का एक बड़ा हिस्सा टूटकर गिर गया, जिससे मलबे में तीन मरीज दब गए। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया। अन्य मरीजों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जा रहा है।
हादसे में एक लावारिस महिला मरीज भी मलबे में फंसी थी, जिसे निकाल लिया गया। इसके अलावा, एक अन्य मरीज भी घायल हो गया, जो उस वक्त अस्पताल के पास से गुजर रहा था। अस्पताल प्रशासन, जिसमें अधीक्षक डॉ. आरके मंधान और उपाधीक्षक डॉ. नकुल प्रसाद चौधरी शामिल थे, घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। साथ ही, पुलिस अधीक्षक किशोर कौशल भी घटनास्थल पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी की।
इस घटना में और भी मरीजों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। राहत और बचाव कार्य में भारी बारिश भी रुकावट डाल रही है, जिससे बचाव अभियान को और अधिक चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
बी-ब्लॉक का छज्जा अचानक गिरा
एमजीएम अस्पताल के बी-ब्लॉक का छज्जा अचानक गिरने से अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बी-ब्लॉक की जर्जर दीवार और छत का बड़ा हिस्सा भरभराकर गिर गया, जिससे यह हादसा हुआ। इससे पहले भी बी-ब्लॉक की जर्जर स्थिति पर सवाल उठते रहे थे, लेकिन मरम्मत या पुनर्निर्माण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए थे।
स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जर्जर भवनों की जांच की जाए और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए।
विधायकों का अस्पताल दौरा
घटना की सूचना मिलते ही विधायक सरयू राय और पूर्णिमा दास भी अस्पताल पहुंचे। सरयू राय ने घटना पर चिंता जताते हुए इसे लापरवाही का नतीजा बताया। वहीं, पूर्णिमा दास ने कहा कि यह घटना घोर लापरवाही का उदाहरण है, क्योंकि स्वास्थ्य मंत्री ने हाल ही में अस्पताल का दौरा किया था, लेकिन उन्होंने जर्जर भवनों की स्थिति पर ध्यान नहीं दिया था।
