Jamshedpur News: एमजीएम के नए सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में हार्ट, कैंसर और न्यूरो ओपीडी की शुरुआत, पहले दिन पहुंचे 11 मरीज
जमशेदपुर: शहरवासियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। अब हार्ट, कैंसर और न्यूरो जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए न तो प्राइवेट अस्पतालों में जाना पड़ेगा और न ही दूसरे शहरों की ओर रुख करना होगा। कोल्हान क्षेत्र में पहली बार सरकारी स्तर पर इन तीनों बीमारियों की ओपीडी सेवा की शुरुआत हो गई है।
यह सुविधा डिमना रोड स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज परिसर में बने नए सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में शुरू की गई है। शुक्रवार को पहली बार जब सेवा शुरू हुई, तो तीनों विभागों को मिलाकर 11 मरीजों की जांच की गई। इनमें से 9 मरीज हार्ट ओपीडी में, जबकि कैंसर और न्यूरो में एक-एक मरीज ने परामर्श लिया।
ओपीडी का समय और सेवा देने वाले विशेषज्ञ डॉक्टर
एमजीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दिवाकर हांसदा ने ओपीडी सेवा का समय सुबह 9 बजे से अपराह्न 3 बजे तक निर्धारित किया है। पहले चरण में ओपीडी सेवा शुरू की गई है, जबकि दूसरे चरण में इनडोर और अन्य चिकित्सा सेवाएं भी शुरू की जाएंगी।
फिलहाल जिन विशेषज्ञों की नियुक्ति हुई है, उनमें शामिल हैं:
- डॉ. फतेह बहादुर सिंह (न्यूरो सर्जरी): मंगलवार और शुक्रवार
- डॉ. रोहित आनंद (न्यूरोलॉजी): मंगलवार और गुरुवार
- डॉ. मनीष कुमार (कार्डियोलॉजी): सोमवार, बुधवार, शुक्रवार
- डॉ. गुंजेश कुमार (ऑन्कोलॉजी): गुरुवार
ओपीडी के बाद भर्ती की व्यवस्था पुराने अस्पताल में
एमजीएम अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. नकुल चौधरी ने बताया कि यदि ओपीडी में किसी मरीज को भर्ती करने की आवश्यकता होती है, तो उसे फिलहाल पुराने अस्पताल में भर्ती किया जाएगा। इससे मरीजों को समुचित जांच और इलाज की सुविधा मिलेगी।
सुविधाओं की कमी बनी चुनौती
हालांकि, नये अस्पताल की ओपीडी में कई बुनियादी सुविधाओं की कमी देखी गई। डॉक्टरों को सबसे अधिक परेशानी पानी की अनुपलब्धता को लेकर हो रही है। मरीजों की जांच के बाद हाथ तक धोने की सुविधा नहीं है।
पानी की व्यवस्था होते ही इनडोर सेवा शुरू होगी
आइटीडीए परियोजना निदेशक दीपांकर चौधरी ने डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन के साथ बैठक कर समस्याओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पानी की समुचित व्यवस्था होते ही इनडोर सेवा भी शुरू कर दी जाएगी। इससे पहले ओपीडी को भी पूरी तरह शिफ्ट किया जाएगा।
उद्घाटन के मौके पर मौजूद रहे अधिकारी
इस अवसर पर एमजीएम के प्राचार्य डॉ. दिवाकर हांसदा, अधीक्षक डॉ. आर.के. मंधान, उपाधीक्षक डॉ. नकुल चौधरी, डॉ. जुझार मांझी, डॉ. बलराम झा, डॉ. रतन कुमार, डॉ. उमाशंकर सिंह, डॉ. संजय कुमार और डॉ. गाडिया समेत कई अन्य चिकित्सक व अधिकारी मौजूद थे।
