एक्सएलआरआइ के फुटबॉल मैदान पर रविवार की शाम करीब 8 हजार युवाओं की भीड़ जमा थी। बड़े से स्टेज पर मद्धिम रोशनी के बीच सुरों के जादूगर सोनू निगम ने जोरदार एंट्री की। उनकी एंट्री पर दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया। इसके बाद सोनू निगम ने एक के बाद एक हिट गीतों से ऐसा समां बांधा कि करीब दो घंटे तक हर कोई झूमता रहा। उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे आज भी युवाओं के दिलों की धड़कन हैं।
1979 से हो रहा है मैक्सी फेयर का आयोजन
मैक्सी फेयर एक्सएलआरआइ की ओर से शुरू किया गया एक रिसर्च मेला है, जिसमें खेल-खेल में लोगों के कंज्यूमर बिहेवियर पर रिसर्च की जाती है। इसकी शुरुआत 1979 में हुई थी। यह एक्सलर्स के लिए एक प्रोजेक्ट है, जिसमें छात्रों को आयोजन से जुड़े सभी पहलुओं की जिम्मेदारी दी जाती है। फंड जुटाने, प्रमोशन, ब्रांडिंग, क्राउड और एडमिनिस्ट्रेशन मैनेजमेंट से लेकर बड़े स्टार की हॉस्पिटैलिटी तक सबकुछ छात्र संभालते हैं। बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को प्रोजेक्ट में अंक दिए जाते हैं।
संगीत, प्रतियोगिताओं और पुरस्कारों का रंगारंग आयोजन
18 जनवरी को निखिल डिसूजा और 19 जनवरी को सोनू निगम ने मैक्सी फेयर के दौरान अपने सुरों का जादू बिखेरा। इस फेयर में बच्चों के लिए फैन्सी ड्रेस और डांस प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। वहीं, बड़ों के लिए जमशेदपुर फेवरेट फैमिली, मिस एंड मिस्टर जमशेदपुर और मास्टरशेफ जैसी प्रतियोगिताएं हुईं। विजेताओं को ब्यूटी हैम्पर्स, वाशिंग मशीन, टेलीविजन समेत करीब पांच लाख रुपये तक के पुरस्कार दिए गए।
शहर के लोगों के कंज्यूमर बिहेवियर पर रिसर्च
इस बार मैक्सी फेयर में छह अलग-अलग कंपनियों की समस्याओं पर रिसर्च की गई। यह रिसर्च जमशेदपुर के लोगों के उत्पादों के उपभोग व्यवहार पर आधारित थी। खास बात यह थी कि यह रिसर्च खेल-खेल में की गई, जिससे लोगों को इसका पता भी नहीं चला। इस रिसर्च के नतीजों को संबंधित कंपनियों को सौंपा जाएगा, ताकि वे अपने उत्पाद के डिजाइन और एडवरटाइजिंग में बदलाव कर सकें।
भीड़ और ट्रैफिक ने पुलिस को किया परेशान
रविवार शाम छह बजे से पहले ही एक्सएलआरआइ के गेट पर युवाओं की भीड़ जुटने लगी थी। अचानक हजारों की संख्या में भीड़ जमा होने से पुलिस और सुरक्षा कर्मियों को भारी मशक्कत करनी पड़ी। हालांकि, थोड़ी देर बाद स्थिति को नियंत्रण में लाया गया। आयोजन स्थल पर किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए तीन गेट से एंट्री की व्यवस्था की गई थी। बाहरी लोगों की एंट्री जुबिली पार्क गेट से, स्टाफ और छात्रों की मरीन ड्राइव गेट से और प्रशासनिक अधिकारियों की एंट्री को-ऑपरेटिव कॉलेज गेट से करवाई गई।
