बिस्टुपुर के गोपाल मैदान में विशाल टुसु मेला का आयोजन सम्पन्न, जानें टुसू तथा चौड़ल के विजेता के लिस्ट
जमशेदपुर के बिस्टुपुर स्थित ऐतिहासिक गोपाल मैदान में झारखंडवासी एकता मंच द्वारा विशाल टुसु मेला का आयोजन किया गया। इस मेले में लाखों लोगों की भीड़ उमड़ी, जिसमें झारखंड की सांस्कृतिक और पारंपरिक धरोहर की झलक देखने को मिली।
मनोहरपुर के झूमर सिंगर रंजीत महतो ने टुसू प्रेमियों को झूमाया
रंजीत महतो झूमर एंड टीम ने अपने झूमर गानों और स्वागत गीतों से दर्शकों का दिल जीत लिया। उनकी प्रस्तुतियों ने माहौल को जीवंत और सांस्कृतिक बना दिया।
उनके कुड़माली गीतों ने खास तौर पर सबका ध्यान खींचा और लोगों को मेले की ओर आकर्षित किया। उनके गीतों ने न केवल मनोरंजन किया बल्कि सांस्कृतिक परंपराओं का भी अद्भुत प्रदर्शन किया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और पुरस्कार वितरण
मेले में राज्य के पारंपरिक गीत-नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां हुईं। दूर-दराज और आसपास के राज्यों से आए प्रतिभागियों ने आकर्षक टुसु प्रतिमा, चौड़ल और बूढ़ी गाड़ी नृत्य में भाग लिया। विजेताओं को नगद पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जबकि सभी प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। पुरस्कार वितरण में लाखों रुपये खर्च किए गए।
मुख्य अतिथियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में बतौर अतिथि राज्य के पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता, सांसद विद्युत वरण महतो, विधायक सबिता महतो, पूर्व सांसद सुमन महतो, पूर्व पार्षद सारथी महतो, मंच के मुख्य संयोजक आस्तिक महतो समेत अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। अपने संबोधन में सांसद विद्युत महतो ने झारखंड की भाषा और संस्कृति को बचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा और जीवनशैली के कारण लोग अपनी परंपराओं से दूर हो रहे हैं, जिसे बचाने की जिम्मेदारी सबकी है।
शहीदों को श्रद्धांजलि और कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ शहीदों को माल्यार्पण कर किया गया। मुख्य मंच के समीप झारखंड आंदोलन और मेला आयोजन में भूमिका निभाने वाले महान नेताओं जैसे शहीद रघुनाथ महतो, बिरसा मुंडा, सिदो कान्हू, निर्मल महतो, सुनील महतो, सुधीर महतो और साधु चरण महतो के चित्रों पर श्रद्धांजलि दी गई।
विजेताओं के नाम:-
टुसु प्रतिमा:
- प्रथम: सुधीर महतो, शहरी महतो (चाडरी)
- द्वितीय: जगन्नाथ महतो (सोसोमोली, राजनगर)
- तृतीय: धनंजय महतो (पदनामसाई, राजनगर)
- चतुर्थ: सूरज महतो (तुमुंग, राजनगर)
- पंचम : प्रशांत (उज्जपुर, गम्हरिया)
- छठा: गणेश चंद्र महतो (गेगेरुली)
- सातवां : प्रदीप महतो (सिंधुकोपा)
चौड़ल:
- प्रथम: श्री श्री माँ दुर्गा चौड़ल समिति (बाँधडीह, तमाड़ रांची)
- द्वितीय: शिव शंकर महिला समिति (घोड़ाबंधा, सिंदरी पुरुलिया)
- तृतीय: आदिवासी किसान चौड़ल समिति (कुजियाम्बा, खूंटी)
- न्यू स्टूडेंट क्लब (बोड़ाम)
बूढ़ी गाड़ी नाच:
- प्रथम: फातु बास्के (बलराम बस्ती, सोनारी)
- द्वितीय: मतला सोरेन (जोजोगोड़ा, सरायकेला)
- तृतीय: मुचीराम मुर्मू (हेलीकाप्टर)
- चूनाराम बास्के (बाबा तिलका माझी, सोनारी)
आयोजन समिति का योगदान
मेले को सफल बनाने में पार्षद खगेन महतो, स्वपन महतो, सुखदेव महतो, बबलू महतो, सचिन महतो, सुनील महतो मीता, करमू हांसदा, चुनका मार्डी, लालटू महतो और सत्यनारायण महतो का विशेष योगदान रहा। मेले ने झारखंड की संस्कृति और परंपरा को सहेजने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रखा।


