झारखंड अपनी अनूठी परंपराओं और कला के लिए विशेष पहचान रखता है। सरायकेला जिले के राजनगर प्रखंड के टुईबासा आदिवासी गांव में इसकी एक सुंदर झलक देखने को मिलती है। जमशेदपुर से दक्षिण दिशा में स्थित यह गांव अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान के लिए जाना जाता है।
गांव के कच्चे घरों की दीवारों पर की गई अनोखी पेंटिंग किसी को भी आश्चर्यचकित कर सकती है। इन दीवारों पर चित्रित पेंटिंग में कला और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिलता है, जो इस क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करता है।
गौरतलब है कि इस गांव में हर साल दिवाली से पहले इन खूबसूरत पेंटिंग्स का नजारा देखने को मिलता है। यह परंपरा न केवल गांव की सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत बनाए रखती है, बल्कि झारखंड की अनमोल कला और संस्कृति को भी उजागर करती है।

