पछुआ हवाओं का असर
मौसम विभाग के अनुसार, पछुआ हवाओं के कारण न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस तक की और गिरावट हो सकती है। रात में कनकनी बढ़ने की संभावना है। रांची समेत कई जिलों में ठंडी हवाएं चल रही हैं, जिससे दिन के समय भी ठंड का अहसास हो रहा है।
रांची और लातेहार में सबसे अधिक ठंड
बुधवार को रांची का न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले दिन से लगभग तीन डिग्री कम था। लातेहार राज्य का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तेज धूप के बावजूद ठंडी हवाओं के चलते लोगों को ठिठुरन का सामना करना पड़ा।
पश्चिमी विक्षोभ से तीन दिन बाद बदलाव संभव
मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते तीन दिन बाद मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। आसमान में आंशिक बादल छा सकते हैं, जिससे तापमान में उतार-चढ़ाव हो सकता है। रात के तापमान में हल्की वृद्धि होने की संभावना है, लेकिन दिन का तापमान गिर सकता है।
पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव
पश्चिमी विक्षोभ भूमध्य सागर से नमी लेकर आता है, जो उत्तर भारत में बारिश और बर्फबारी का कारण बनता है। इसका प्रभाव झारखंड जैसे राज्यों में भी महसूस किया जाता है। इससे तापमान में उतार-चढ़ाव होता है, बादल छा जाते हैं और ठंड का असर बढ़ जाता है।
ऐसे में मौसम विभाग ने लोगों को सर्दी से बचने के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है।
