नीमडीह प्रखंड के रघुनाथपुर के भरतजीत महतो अपनी अनोखी कला लीफ आर्ट के जरिए कला की दुनिया में एक अलग पहचान बना चुके हैं। सर्जिकल ब्लेड का इस्तेमाल कर हरे पत्तों पर स्मारकों की तस्वीरें उकेरने वाले भरतजीत महतो ने अपनी कल्पनाशीलता और लगन से यह साबित कर दिया है।
इस कला को देखने का असली आनंद तब आता है, जब इन पत्तों को आसमान की ओर उठाया जाता है। पत्तों की कटी हुई जगहों से झांकता आसमान उनकी बनाई आकृतियों को जीवंत कर देता है। भरतजीत का कहना है कि कला के प्रति उनके समर्पण के बावजूद उन्हें जीवन यापन के लिए कोई स्थायी मंच या सरकारी सहायता नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से अब तक किसी तरह की मदद नहीं मिली, लेकिन मैंने अपने जुनून को खत्म होने नहीं दिया।
भरतजीत की कला झारखंड की सामान्य ज्ञान पुस्तिका में भी अंकित है। यह उनके योगदान और उनकी कला के महत्व को दशार्ता है।


